Monthly Archive: August 2021

प्रबन्ध की विशेषता

प्रबन्ध के लक्षण व विशेषताएं प्रबन्ध का मतलब अलग-अलग लेखकों के लिए इस तरह है जैसे अन्धे व्यक्तियों को हाथी अलग-अलग प्रकार का महसूस होता है। वे इस के विशेष अंग को अपने छूने...

प्रबन्धन का अर्थ

प्रबन्ध का अर्थ और संकल्प “Management” शब्द का विभिन्न प्रकार से प्रयोग किया गया है। कई बार इसका अर्थ किसी एक संस्था में प्रबन्ध करने वाले व्यक्तियों का समूह होता है। कभी प्रबन्ध का...

संचार की प्रकृति

संचार की प्रकृति(विज्ञान या कला) यह प्रश्न कि ‘क्या संचार एक विज्ञान या कला है’, यद्यपिइतना महत्त्वपूर्ण नहीं फिर भी यह प्रभावी संचार से सम्बन्ध रखता है। विज्ञान मूलभूत सिद्धान्तों की खोज करता है...

संचार का अर्थ

कम्युनिकेशन का अर्थ ‘कम्युनिकेशन’ शब्द लेटिन भाषा के शब्द ‘कम्युनिज’ से बना है जिसका अर्थ है ‘कॉमन’। इसलिए यह कहा जा सकता है कि कम्युनिकेशन की मदद से आपसी समझ का एक सामान्य आधार...

दि पेटेंट (संशोधन) अधिनियम, 1999

दि पेटेंट (संशोधन) अधिनियम, 1999 यह अधिनियम भारत में डब्ल्यू.टी ओ आवश्यकताओं के अनुरूप पेटेंट उत्पादों को प्रस्तुत करने की प्रस्तावना जैसा है। इस अधिनियम के द्वारा घरेलू कानून को ट्रिप्स समझौते के अन्तर्गत...

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 भारत एक विशाल देश है, जहाँ अधिकांश उपभोक्ता न केवल गरीब हैं बल्कि असहाय व असंगठित भी है। पुनः भारत में बाजार सामान्यतया विक्रेता-बाजार हैं तथा उपभोक्ताओं को मूर्ख बनाना...

संविदा का अर्थ

संविदा का अर्थ सर विलियम एन्सन के अनुसार एक संविदा कानून द्वाराप्रवर्तनीय दो या ज्यादा व्यक्तियों के बीच किया गया ऐसा ठहराव है जिसके द्वारा एक या ज्यादा पक्षकारों द्वारा दूसरे या दूसरों के...

वैध संविदा का अर्थ

वैध संविदा का अर्थ व्यावसायिक विधि का प्रमुख आधार ‘अनुबंध’ है। सभी व्यावसायिक गतिविधियाँ दो पक्षकारों के बीच में सहरावों से उत्पन्न होती है। कानूनी उहराव अनुबंधो’ का रूप ले लेते है। यह सिर्फ...

भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932

भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 भारत में साझेदारी को प्रशासित कर रहा कानुन अब भारतीय साझेदारी अधिनियम, 1932 में साकारित कर दिया गया है जो । अक्टूबर,1932 को प्रचलन में आया (धारा 69 को छोड़कर)...

समूह व्यवहार की कार्य और प्रकिया

समूह प्रक्रियाए आर कार्यलाप संगठनों में समूहों की मुख्य प्रक्रियाओं और कार्यालापों के नीचे वर्णित किया जा रहा है: (1) भूमिकाओं का नियतीकरण और स्पष्टीकरण : भूमिका का अभिप्राय लवहार की उस रूपरेखा से...