Monthly Archive: August 2021

समूहों के प्रकार

समूहों के प्रकार संगठनों में लोगों के सामाजिक व्यवहार के आधार पर मनोवैज्ञानिकों एवं समाजशास्त्रियों ने समूहों के अनेक विभिन्न प्रकारों की पहचान की है। इनमें से प्रत्येक के उदाहरण को अधिकांश बड़े संगठनों...

समूह व्यवहार

कोई भी संगठन उन व्यक्तियों का एकत्रीकरण मात्र नहीं होता अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए एक साथ कार्य किया करते हैं। इसमें लोगों के अनेक औपचारिक कार्य समूहों और अनौपचारिक कार्यसमूहों का तंत्र...

व्यक्तिगत सिद्धांत

व्यक्तित्व के सिद्धान्त जिस तरह व्यक्तित्व की अनेक परिभाषाएं हैं, ठीक उसी तरह व्यक्तित्व के अनेक सिद्धान्त भी हैं। अतएव सिद्धान्तकारों में व्यक्तित्व के सिद्धान्तों पर एक राय नहीं बन सकी। इन तमाम सिद्धान्तों...

व्यक्तिगत निर्धारक

व्यक्तित्व के निर्धारक कारक व्यक्तित्व का अर्थ समझ लेने के उपरांत अब प्रश्न यह है कि ऐसे कौनसे निर्धारक तत्त्व हैं जो व्यक्तित्व की सृष्टि किया करते हैं? क्या व्यक्तित्व का निर्धारण जन्मजात हुआ...

व्यक्तिगत

कुछ लोग शांत और विनम्र होते हैं जबकि अन्य लोग सामाजिक और आक्रामक प्रवृत्ति के हुआ करते हैं। कुछ समय के पाबंद और मेहनतशील होते हैं, जबकि कुछेक लोग समय-पालन नहीं करते और आलसी...

व्यक्तिगत बायोग्राफिकल घटक

व्याक्तगत या Biography घटक सभी मानवों में कुछ विशिष्ट विशेषताएं होती हैं जो स्वभाव से वंशानुगत होती हैं तथा जन्म-जात होती हैं। यह वे गुण होते हैं जिनके साथ एक व्यक्ति पैदा होता है।...

व्यक्तिगत व्यवहार आदान प्रदान

एक इनपुट आउटपुट प्रणाली के रूप में व्यवहार मानव व्यवहार व्यक्ति तथा इस पर्यावरण का फलन है, ‘व्यक्ति’ प्रमुखत: सामान्य जैविकीय लक्षणों द्वारा आकारित होता है तथा पर्यावरण जो बाह्य स्फूर्ति को निर्मित करता...

मानव व्यवहार के घटक

मानव व्यवहार के घटक – ● मनोवैज्ञानिक तत्त्व 1. व्यक्तित्व : संगठन के किसी कार्य के लिए व्यक्ति कीउपयुक्तता का निर्धारण करते समय उसके व्यक्तित्व तत्त्वों को अवश्य ध्यान में रखना चाहिए। अन्य शब्दों...

व्यक्तिगत व्यवहार

व्यक्तिगत व्यवहार

व्यक्तिगत व्यवहार का अर्थ :- “व्यक्तिगत व्यवहार का अर्थ है एक व्यक्ति के द्वारा की गई.कार्यवाही।” एक व्यक्ति का व्यवहार विभिन्न घटकों से प्रभावित होता है। उनमें से कुछ तो व्यक्ति में ही होते...

हरित मार्केटिंग

बहुत सी फर्मे सीमित साधनों को बनाये रखने अथवा ऐसे उत्पादों को ही विकसित करना जो पर्यावरण को हानि नहीं पहुँचाते, जैसी सामाजिक विपणन धारणा तो अपना रही तथा इस प्रकार हरित विपणन का...