Information Technology Act,2000

सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000

प्रारंभिक अध्याय-1

(1)संक्षिप्त नाम, विस्तार और लागू होना- (1) इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 है।

(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण भारत पर होगा और इस अधिनियम में जैसा अन्यथा उपबंधित है उसके सिवाय, यह किसी व्यक्ति द्वारा भारत के होता है। बाहर किए गए किसी अपराध या इसके अधीन उल्लंघन को भी लागू.

(3) यह उस तारीख को प्रवृत्त होगा, जो केन्द्रीय सरकार, अधिसूचना द्वारा, नियत करे और इस अधिनियम के भिन्न-भिन्न उपबंधों के लिए भिन्न-भिन्न तारीखें नियत की जा सकेंगी और किसी ऐसे उपबंध में इस अधिनियम के प्रारंभ के प्रति किसी निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस उपबंध के प्रारंभ के प्रति निर्देश है।

(4) इस अधिनियम की कोई बात निम्नलिखित को लागू नहीं होगी-

(क)परक्राम्य लिखित अधिनियम, 1881 (1881 का 26) की धारा 13 में यथा परिभाषित परक्राम्य लिखत (चेक से भिन्न);]

(ख)मुख्तारनामा अधिनियम, 1882 (1882 का 7) की धारा 1-क में यथापरिभाषित मुख्तारनामा;

(ग) भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 (1882 का 2) की धारा 3 में यथापरिभाषित न्यास;

(घ) भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 (1925 का 39) की धारा 2 के खंड (ज) में तथा परिभाषित बिल, जिसके अंतर्गत कोई अन्य वसीयती व्ययन भी आता है, चाहे उसका जो भी नाम हो;

(ड)स्थावर संपत्ति या ऐसी संपत्ति में किसी हित के विक्रय या हस्तांतरण के लिए कोई संविदा;

(च)किसी ऐसे वर्ग का दस्तावेज या संव्यवहार, जो केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित किया जाए।

2. परिभाषाएं- (1) इस अधिनियम में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न हो,-

(क) “अभिगम्” से, इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित, अभिप्रेत है कम्प्यूटर, कम्प्यूटर प्रणाली या कम्प्यूटर नेटवर्क में प्रवेश प्राप्त करना, उसके तर्कसंगत, अंकगणितीय अथवा स्मृति फलन संसाधनों के द्वारा अनुदेश देना या संसूचना देना;

(ख)”प्रेषिती” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो इलैक्ट्रानिक अभिलेख प्राप्त करने के लिए प्रवर्तक द्वारा आशयित है किन्तु इसके अंतर्गत कोई मध्यवर्ती नहीं है;

(ग)”न्यायनिर्णायक अधिकारी” से धारा 46 की उपधारा
(1) के अधीन नियुक्त न्यायनिर्णायक अधिकारी अभिप्रेत है;

(घ) “अंकीय चिह्नक लगाना” से इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित अभिप्रेत है किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख को अंकीय चिह्नक द्वारा अधिप्रमाणित करने के प्रयोजन के लिए किसी व्यक्ति द्वारा कोई कार्य पद्धति या प्रक्रिया अंगीकार करना,

(ड)”समुचित सरकार से,

(1)संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 2 में प्रगणित,

(11) संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची 3 के अधीन अधिनियमित किसी राज्य विधि से संबंधित, किसी विषय के संबंध में राज्य सरकार और किसी अन्य दशा में केन्द्रीय सरकार अभिप्रेत है;

(च)”असममित गूढ़ प्रणाली से सुरक्षित कुंजी युग्म
की कोई प्रणाली अभिप्रेत है जिसमें अंकीय चिह्नक सृजित करने के लिए एक प्राइवेट कुंजी और अंकीय चिह्नक को सत्यापित करने के लिए एक लोक कुंजी है;

(छ) “प्रमाणकर्ता प्राधिकारी” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है
जिसे धारा 24 के अधीन अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अनुज्ञप्ति दी गई है।

(ज)”प्रमाणीकरण पद्धति विवरण” से प्रमाणकर्ता प्राधिकारी द्वारा उन पद्धतियों को विनिर्दिष्ट करने के लिए जारी किया गया विवरण अभिप्रेत है जो प्रमाणकर्ता प्राधिकारी, अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी करने में प्रयोग करता है;

(झ)”कम्प्यूटर” से ऐसी इलैक्ट्रानिक, चुम्बकीय, प्रकाशीय या अन्य द्रुत डाटा संसाधन युक्ति या प्रणाली अभिप्रेत है जो इलैक्ट्रानिक, चुम्बकीय या प्रकाशीय तरंगों के अभिचालनों द्वारा तर्कसंगत, अंकगणितीय और स्मृति फलन के रूप में कार्य करता है और इसके अंतर्गत सभी निवेश, उत्पाद, प्रक्रमण, भंडारण, कम्प्यूटर साफ्टवेयर या संचार सुविधाएं भी है जो किसी कम्प्यूटर प्रणाली पर कम्प्यूटर नेटवर्क में कम्प्यूटर से संयोजित या संबंधित होती हैं;

(ल)“कम्प्यूटर नेटवर्क” से-

(1) उपग्रह, सूक्ष्म तरंग, भौमिक लाइन या अन्य संचार,
मीडिया के उपयोग; और

(II) दो या अधिक अंत: संबद्ध कम्प्यूटरों से मिलकर बने टर्मिनलों.या किसी सम्मिश्र, चाहे अंत संबंध निरन्तर रखा जाता है या नहीं, के माध्यम से एक या अधिक कम्प्यूटरों का अत:सबध
अभिप्रेत है;

(ट) “कम्प्यूटर साधन” से कम्प्यूटर, कम्प्यूटर प्रणाली,
कम्प्यूटर नेटवर्क, कम्प्यूटर डाटा, संचय या सॉफ्टवेयर अभिप्रेत है;

(ठ)”कम्प्यूटर प्रणाली” से. निवेश और निर्गम सहायक
युक्तियों सहित और ऐसे कैलकुलेटरों को छोड़कर, जो क्रमादेश्य नहीं है और जो बाह्य फाइलों के साथ संयोजन में उपयोग में नहीं आ सकत, ऐसी युक्त या युक्तियों का संग्रह अभिप्रेत है जिसमें कम्प्यूटर प्रोग्राम, इलैक्ट्रानिक अनुदेश, निवेश डाटा और निर्गम डाटा भरे गए है, जो तर्क, अंकगणतीय, डाटा भंडारण और पुन: प्राप्ति, संचार नियंत्रण और अन्य कृत्य करती है;

(ङ)”नियंत्रक” से धारा 17 की उपधारा (1) के अधीन
नियुक्त प्रमाणकर्ता प्राधिकारियों का नियंत्रक अभिप्रेत है;

(ढ)”साइबर अपील अधिकरण” से धारा 48 की उपधारा(1) के अधीन स्थापित साइबर विनियमन अपील अधिकरण अभिप्रेत है;

(ण)”डाटा’ से सूचना, जानकारी, तथ्यों, संकल्पनाओं
या अनुदेशों का निरुपण अभिप्रेत है जिन्हें एक निश्चित रीति से तैयार किया जा रहा है या तैयार किया गया है और जो कम्प्यूटर प्रणाली या कम्प्यूटर नेटवर्क में संसाधित किए जाने के लिए आशयित है, ससाधित किया जा रहा है या संसाधित किया गया है और जो किसी रूप में (जिसके अंतर्गत कम्प्यूटर प्रिंटआउट, चुम्बकीय या प्रकाशीय भंडारण मीडिया, छिद्रित कार्ड, छिद्रित टेप हैं) या कम्प्यूटर की स्मृति में आतरिक रूप से भंडारित हो सकता है,

(त) “अंकीय चिह्नक” से किसी उपयोगकर्ता द्वारा धारा 3 के उपबंध के अनुसार किसी इलैक्ट्रानिक पद्धति या प्रक्रिया द्वारा किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख का अधिप्रमाणन अभिप्रेत है;

(थ)”अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र” से धारा 35 की उपधारा (4) के अधीन जारी किया गया अकीय प्रमाणपत्र अभिप्रेत है;

(द) सूचना के संदर्भ में, “इलैक्ट्रानिक रूप से किसी मीडिया, चुम्बकीय, प्रकाशीय, कम्प्यूटर स्मृति, माइक्रोफिल्म, कम्प्यूटर उत्पादित सूक्ष्मिका या समरूप युक्ति में उत्पादित, प्रेषित, प्राप्त या भंडारित कोई सूचना अभिप्रेत है;

(घ) “इलैक्ट्रानिक राजपत्र'” से इलैक्ट्रानिक रूप में प्रकाशित राजपत्र अभिप्रेत है,

(न) “इलैक्ट्रानिक अभिलेख” से किसी इलैक्ट्रानिक रूप या माइक्रोफिल्म या कम्प्यूटर उत्पादित सूक्ष्मिका में डाटा, अभिलेख या उत्पादित डाटा, भंडारित, प्राप्त या प्रेषित प्रतिबिंब या ध्वनि अभिप्रेत है।

(प) किसी कम्प्यूटर के संबंध में, “फलन” के अंतर्गत
किसी कम्प्यूटर से अथवा उसमें तर्क, नियंत्रण, अंकगणितीय प्रक्रम, विलोप, भंडारण और पुन: प्राप्ति तथा संचार या दूरसंचार भी आता “सूचना” के अंतर्गत डाटा, पाठ, प्रतिबिंब, ध्वनि, वाणी, कोड, कम्प्यूटर कार्यक्रम, साफ्टवेयर और डाटा संचय या माइक्रोफिल्म या कम्प्यूटर उत्पादित सूक्ष्मिका भी आती है;

(ब) किसी विशिष्ट इलैक्ट्रानिक संदेश के संबंध में “मध्यवर्ती” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी अन्य व्यक्ति की ओर से उस संदेश को प्राप्त करता है, भंडारित करता है या पारेषित करता है अथवा उस संदेश के संबंध में कोई सेवा प्रदान करता है;

(भ) असममित गूढ प्रणाली में, “कुंजी युग्म्” से, प्राइवेट
कुजी और उसकी अंकगणितीय रूप से संबंधित लोक कुजी अभिप्रेत है जो इस प्रकार संबंधित है कि लोक कुंजी उस अंकीय चिह्नक को सत्यापित कर सकती है जो प्राइवेट कुंजी द्वारा सृजित किया गया है,

(म) “विधि” के अंतर्गत संसद या राज्य विधान मंडल का
कोई अधिनियम, यथास्थिति, राष्ट्रपति बा राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश, अनुच्छेद 240 के अधीन राष्ट्रपति द्वारा बनाए गए विनियम,।संविधान के अनुच्छेद 357 के खंड (1) के उपखंड (क) अधीन राष्ट्रपति के अधिनियमों के रूप में अधिनियमित विधेयक आते हैं और इनके अंतर्गत उनके अधीन बनाए गए नियम, विनियम, उपविधियां और जारी किए गए
आदेश भी हैं।

(य)”अनुज्ञप्ति से धारा 24 के अधीन किसी प्रमाणकर्ता
(4)प्राधिकारी को अनुदत्त अनुज्ञप्ति अभिप्रेत है;

(यक) “प्रवर्तक” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जो किसी
इलेक्ट्रानिक संदेश को भेजता है, उसका उत्पादन, भंडारण करता है या

किसी अन्य व्यक्ति को पारेषित करता है, अथवा किसी इलैक्ट्रानिक संदेश को भिजवाता है, उसका उत्पादन, भंडारण कराता है या किसी अन्य व्यक्ति को पारेषित कराता है, किन्तु इसके अंतर्गत कोई मध्यवर्ती नहीं है।

(यख) “विहित” से इस अधिनियम के अधीन बनाए गए
नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है;

(यग) “प्राइवेट कुंजी’ से कुंजी युग्म की वह कुंजी अभिप्रेत है जो अंकीय चिह्नक सृजित करने के लिए प्रयोग की जाती है।

(यघ) “लोक कुंजी’ से कुंजी युग्म की वह कुंजी अभिप्रेत
है जो अंकीय चिह्नक को सत्यापित करने के लिए प्रयोग की जाती है और अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र में सूचीबद्ध है,

(यड) “सुरक्षित प्रणाली” से ऐसे कम्प्यूटर हार्डवेयर, साफ्टवेयर और प्रक्रियाएं अभिप्रेत हैं, जो, अप्राधिकृत प्रवेश और दुरूपयोग से युक्तियुक्त रूप से सुरक्षित है; विश्वसनीयता और सही संचालन का युक्तियुक्त स्तर उपबंधित करती है,

(ग) आशयित कृत्य करने के लिए युक्तियुक्त रूप से उपयुक्त

(घ)साधारणत: स्वीकार्य सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुरूप है;

(यच) “सुरक्षा प्रक्रिया से धारा 16 के अधीन केन्द्रीय सरकार द्वारा विहित सुरक्षा प्रक्रिया अभिप्रेत है;

(यछ) “उपयोगकर्ता” से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है जिसके
नाम से अंकीय चिह्नक प्रमाणपत्र जारी किया जाता है;

(यज) अंकीय चिह्नक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख या लोक कुंजी के संबंध में, “सत्यापित करना” इसके व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों सहित अभिप्रेत है या अवधारण करना कि क्या-

(क) प्रारंभिक इलैक्ट्रानिक अभिलेख पर उपयोगकर्ता की लोक कुंजी के तदनुरूपी प्राइवेट कुंजी का उपयोग करते हुए अंकीय चिह्नक लगाया गया था;

(ख) प्रारंभिक इलैक्ट्रानिक अभिलेख, ऐसे इलेक्ट्रानिक अभिलेख पर अंकीय चिह्नक इस प्रकार लगाए जाने के समय से ही अक्षुण्ण रखे गए हैं या उसे उपांतरित किया गया है।

(2) इस अधिनियम में किसी अधिनियमिति या उसके किसी
उपबंध के प्रति किसी निर्देश का, उस क्षेत्र के संबंध में जिसमें ऐसी अधिनियमिति या ऐसा उपबंध प्रवृत्त नहीं है, यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह उस क्षेत्र में प्रवृत्त तत्स्थानी विधि या तत्स्थानी विधि से सुसंगत उपबंध, यदि कोई है, के प्रति निर्देश है।

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