Tagged: Business marketing

एक आदर्श मजदूरी व्यवस्था के आवश्यक तत्त्व

एक आदर्श मजदूरी व्यवस्थाके आवश्यक तत्त्व1. सरल विधि- मजदूरी की गणना करने की विधि को सरल हो-चाहिए ताकि कार्मिक उन्हें समझ सकें। यह गणना में भी आसान होनी चाहिए। 2. नतीजे पर आधारित मजदूरी-...

हरित मार्केटिंग

बहुत सी फर्मे सीमित साधनों को बनाये रखने अथवा ऐसे उत्पादों को ही विकसित करना जो पर्यावरण को हानि नहीं पहुँचाते, जैसी सामाजिक विपणन धारणा तो अपना रही तथा इस प्रकार हरित विपणन का...

सामाजिक मार्केटिंग

सामाजिक विपणन सामाजिक लाभप्रद विचारों या व्यवहारों को फैलाने हेतु विपणन विधियों का अनुप्रयोग है। यह बड़े हितधारकों के व्यवहार को परिवर्तित करने हेतु एक रणनीति है। यह सामाजिक परिवर्तन के परंपरागत दृष्टिकोण के...

उपभोक्ता व्यवहार की विशेषता और प्रकार

उपभोक्ता व्यवहार की विशेषताएँ 1. उपभोक्ता व्यवहार के अंतर्गत दो निरीक्षण करने योग्य भौतिक क्रियाएँ शामिल हैं। जैसे बाजार में घूमते हुए, व्यापारिक उत्पादों कानिरीक्षण तथा क्रय एवं अन्य क्रिया जैसे उत्पाद को समझने...

मार्केटिंग मिश्रण के परिवर्तन और प्रकार

मार्केटिंग मिश्रण के परिवर्तन और प्रकार

विपणन मिश्रण में परिवर्तन समय तथा परिस्थितियों (दशाओं) के अनुसार, विपणन मिश्रण में परिवर्तन करने होते हैं। उपभोक्ताओं द्वारा मांगों, उनकी पसंद तथा चाहतों, फैशनों, परंपराओं तथा परिपाटियों आदि में दिन प्रतिदिन विभिन्न परिवर्तन...

मार्केटिंग प्रबन्ध प्रक्रिया

विपणन प्रबंध ग्राहक की जरूरतों व आवश्यकताओं की पहचान तथा फिर लाभ के साथ ग्राहक की जरूरतों को संतुष्ट करने के लिए एक विपणन कार्यक्रम विकसित करने की एक प्रक्रिया है। अतः प्रभावी विपणन...

मार्केटिंग के दर्शन

विपणन-प्रबन्धन विपणन-परिकल्पना के क्रियाशील रूप का द्योतक है अर्थात् ग्राहकोन्मुख विपणन-दर्शन के अनुरूप पूर्व निर्धारित माँग का प्रबन्धन। विपणन प्रबन्ध को परिभाषित करते हुए कह सकते हैं कि इससे अभिप्राय ऐसे विपणन कार्यक्रमों के...

मार्केटिंग की प्रकृति

मार्केटिंग की प्रकृति स्टैन्टन के शब्दों में, “मार्केटिंग जीवन स्तर का सर्जन और वितरण है; यह ग्राहकों की इच्छाओं का पता लगाता है तब ऐसे उत्पाद अथवा सेवा की योजना बना कर उसका विकास...